क्या ऐसे ख़त्म होगी दुनिया? बदल गए गृह नक्षत्र, जानें क्या होगा 21 जून से,

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अगर आप ज्योतिष और दुनिया ख़त्म होने जैसी बातों पर यकीन करते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर नहीं है


अगर आप ज्योतिष और दुनिया ख़त्म होने जैसी बातों पर यकीन करते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर नहीं है।दुनिया कुदरत के कहर के बाद ख़त्म होने के मुहाने पर पहुंच रही है। ज्योतिष शास्त्र और ग्रहों की दशा तो कुछ ऐसा ही कह रहा है।
समय समय पर विद्वानों, ज्योतिषों ने दुनिया ख़त्म होने की भविष्यवाणियां की है। कहा गया है कि दुनिया ख़त्म करने में जल की मुख्य भूमिका होगी। अब ऐसे में ज्योतिष गणना अब यह कह रहा है।
वर्तमान वर्ष में अनेक जगह भारी वर्षा के योग बन रहे हैं। वायु प्रधान वर्ष होने के कारण हवा और भूकंप भी खासे असर दिखा सकते हैं। रोहिणी का वास समुद्र हुआ है तभी भारी वर्षा देश में हुई है।कुंओं, तालाबों और नदी नालों में पर्याप्त जल बना रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य जब आद्रा नक्षत्र में प्रवेश करते हैं तो भारी वर्षा होती है।
संवत के राजा से भी वर्षा ऋतू का निर्धारण किया जाता है। ज्योतिषाचार्य डॉ प्रतीक मिश्र के अनुसार सूर्य का अद्रा नक्षत्र में प्रवेश इस बार 21 जून को हो रहा है। इसके ठीक 20 दिन बाद 10 जुलाई से ज़ोरदार वर्षा शुरू हो जाएगी। इसी समय सूर्य मिथुन लग्न में प्रवेश करेंगे जो वर्षा लग्न माना गया है। अतः कहीं बहुत अधिक वर्षा तो कहीं बढ़ तथा कहीं आंधी तूफ़ान के साथ वर्षा का लग्न माना गया है।

दुनिया ख़त्म होने की भविष्यवाणी न्यूटन ने भी कीगुरुत्वाकर्षण को दुनिया के सामने लाने वाले वैज्ञानिक सर आइसेक न्यूटन ने 1704 में एक ऐसी भविष्यवाणी की थी जिसने सभी को हैरान कर दिया था।न्यूटन ने उस समय अपने एक पत्र में तमाम गणितीय आधारों पर इस बात का खुलासा किया था कि 2060 तक दुनिया ख़त्म हो जाएगी।न्यूटन जब 1727 में दुनिया को अलविदा कर गए तब उनका वह लेटर दुनिया के सामने आया।


चिंता ना करिए दुनिया यूं ही चलेगी
राजधानी के गोमतीनगर स्थित राष्ट्रिय संस्कृत संस्थान के ज्योतिषाचार्य विभाग के प्रोफेसर मदन मोहन ने बताया की दुनिया जैसे आज चल रही है वैसे ही चलती रहेगी। समय का चक्र कभी थमता नहीं इसलिए निश्चिन्त रहिये। कैलेंडर में 2 अक्टूबर की तारीख भी पलट जाएगी और 3 अक्टूबर का सूरज लोग देखेंगे। इस तरह की भविष्यवाणियां पहले भी हुई हैं और झूटी साबित हो चुकी हैं। इन दिनों ग्रह-नक्षत्र की चाल इंसानों के अनुकूल है। अमेरिका के सन्त सनसनी फैलाना चाहते हैं। उन्होंने बताया की 2 अक्टूबर को तुला लग्न पर शुक्र, गुरु, बुध और मंगल का सम्मिलित प्रभाव पड़ रहा है। यह सुखद संयोग है। नवरात्र का दूसरा दिन होने के कारण यह संयोग और भी शुभ हो जायेगा।
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