भारत के इन मंदिरों के बारे में पढ़ें ये रोचक बातें, जो नहीँ जानते होगे आप,

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1- अंकोरवाट मंदिर
अंकोरवाट मंदिर पुरे विश्व के किसी भी धर्मस्थल से बहुत बड़ा है। यहां मंदिर अंकोर, कंबोडिया में स्थित हैं। जो की 820,000 वर्ग मीटर तक फैला है। इस मंदिर को 12 वीं शताब्दी में राजा सूर्यवर्मन ने बनवाया था। इस मंदिर को दो धर्मों की मह्त्वपूर्ण स्थली रही हैं। पहला भगवान विष्णु को समर्पित यह मंदिर एक प्रमुख हिन्दू स्थल रहा हैं। दूसरा बुद्ध धर्म का इस मंदिर पर गहरा प्रभाव रहा हैं।
2- श्री रंगनाथस्वामी मंदिर
इस मंदिर को श्रीरंगम मंदिर भी कहा जाता है यह भगवान विष्णु का सबसे बड़ा हिन्दु मंदिर है जो की तमिलनाडु के त्रिची में बना है। इस मंदिर के 49 धार्मिक स्थल हैं जो इतने बडे है कि अपने आप मे नगर के समान लगते है। वैसे इसमें रेस्टोरेंट, होटल्स , फूलों की मार्किट आदि भी मौजूद है।
3- अक्षरधाम मंदिर
दुनिया के सबसे मशहुर मंदिरों में से एक अक्षरधाम मंदिर दिल्ली में स्थित है। यह मंदिर संस्कृति, वास्तुकला और भारतीय परंपरा का अदभुत मिश्रण है। जिसके अपने ही मान्य है। यह मंदिर श्री अक्षर पुरूषोतम स्वामीनारायण संस्था के प्रमुख स्वामी महाराज द्वारा बनवाया गया था। जिसके लिए 7,000 कारीगरों और 3,000 स्वंयसेवको की सहायता ली गई थी।
4- नटराज मंदिर
तमिलनाडु के चिदंबरम स्थित थिल्लई नटराज मंदिर को भगवान शिव का मंदिर कहा जाता है। इसका क्षेत्रफल 106,000 वर्ग मीटर तक फैला है। संगम क्लासिक्स विडूवेल्वीडुगु पेरुमटक्कन के पारंपरिक विश्वकर्माओं के एक सम्माननीय खानदान की ओर संकेत करता है ।
5- बेलूर मठ
बेलूर मठ , रामकृष्ण मिशन संस्था का मुख्यालय है। बेलूर मठ 1938 में बना मंदिर हिंदु, मुस्लिम और इसाई शैलियों का मिश्रण है। इस मंदिर के दर्शन करने आए लोग शाम की आरती जरूर देखते है। इसकी स्थापना 1898 में हुई थी। यहां पश्चिम बंगाल के शहर कोलकता का एक पर्यटन स्थल है।
6- बुहदेश्वर मंदिर
इस मंदिर का निर्माण राजा चोल ने 1010 ईसा पूर्व करवाया था। यह मंदिर अपनी वस्तुशिल्पता , मूर्तिकला के साथ- साथ तमिल शिलालेखो के लिए जाना जाता है। यह मंदिर UNESCO की वैश्विक धरोहर स्थल में से एक है। इतना बड़े मंदिर को बनाने के लिए किसी मशीन का इस्तेमाल किए बिना इसे 6 वर्ष में पुरा किया गया था। इस मंदिर के मुख्य अहाते में बनी श्री नंदी की प्रतिमा करीब 25 टन वजनी है। जो इस मंदिर को खास बनाती है।
7- अन्नमलाईयर मंदिर
यह मंदिर तमिलनाडु, तिरूवन्नामलाई जगह पर स्थित है। जो की 101,171 वर्ग मीटर है। ये मंदिर भी भगवान शिव को समर्पित है। इस मंदिर की खासियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर है। जिसका पूर्व मीनार 66 मीटर ऊँचा है।
8- एकम्बरेस्वरर मंदिर
यह भी प्राचीन मंदिरों में से एक आता है। जहां भगवान शिव की पूजा की जाती है। यहां शिव मंदिर पांच महा शिव मंदिरों और पंचभूत महास्थलों में से एक है , जो की पृथ्वी का प्रतिनिधित्व करता है। यहां मंदिर तमिलनाडू के कांचीपुरम में स्थित है। जो की 92,860 वर्ग मीटर फैला हुआ है।
9- जम्बुकेस्वरर, थिरूवनेयीकवल मंदिर
इस मंदिर को थिरूवनेयीकल मंदिर भी कहा जाता है , जहां भगवान शिव की आराधना की जाती है। जो की तिरूचिरापल्ली , तमिलनाडु में स्थित है। इस मंदिर का निर्माण 18,000 साल पहले करवाया गया था।
10- नेल्लईप्पर टेम्पल
यहां मंदिर श्री अरुल्मिगु स्वामी नेल्लईप्पर और अरुथारुम को समर्पित है जो की तिरुनेलवेली शहर के मध्य में स्थित है। इस मंदिर को 2500-3000 साल पहले मुलुठुकंडा रामा पांडियन के द्वारा बनवाया गया था । जो की 71,000 वर्ग मीटर है।
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