वैज्ञानिकों ने किया रिसर्च, यहां हो सकता है एलियंस का ठिकाना,

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पृथ्वी पर जीवन है ये तो हम सभी जानते हैं. मगर सवाल तो ये है कि क्या हमारी पृथ्वी की तरह ही कोई दूसरा ग्रह भी होगा जो हमारी नॉलोज में ना हो लेकिन हमारी आपकी तरह ही सांसे ले रहे हों ? यह सवाल साइंटिस्ट्स के साथ-साथ आम लोगों को भी बहुत अट्रैक्ट करता है. एलियंस की तलाश के लिए बुहत से प्रयास हो चुके हैं और बहुत से किये जा रहे हैं. लेकिन हम अभी तक कोई भी यकीनन नहीं कह सकता कि एलियंस सच में होते हैं.
source : timesofindia
साइंटिस्ट्स अभी दो तरह से एलियंस के बारे में पता करने की कोशिशें कर रहे हैं एक तो ये कि संभावित जगहों की तस्वीरें लेकर, दूसरों से जानकारियां जुटाकर और दूसरा ये कि जहां एलियंस रहते हैं उनके ट्रांसमिट होने वाले सिग्नल्स को कैच करके. अभी सारी बड़ी कोशिशें सोलर सिस्टम के ग्रह-उपग्रहों तक ही सीमित हैं. वैज्ञानिकों ने पूरा ध्यान मंगल ग्रह और बृहस्पति ग्रह के दो चंद्रमाओं पर लगा हुआ है. चलिए अब आपको अंतरिक्ष और वैज्ञानिकों की खोज की कुछ दिलचस्प बातें बतातें हैं..
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1. तो इसलिए हैं धरती के बाहर जीवन होने की उम्मीद.. :
source : spacecenter
जो सूरज हमें इतनी गर्मी देता है वो अरबों तारों के बीच एक तारा ही है, और हमारे सोलर सिस्टम के आगे भी अंतरिक्ष इतना बड़ा है जिसके बारे में अभी तक कोई नहीं जानता जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते. पिछले पांच-दस सालों में ही अंतरिक्ष विज्ञानिकों ने कई ऐसे तारे खोज निकाले हैं, जिनकी परिक्रमा करने वाले ग्रह भी हैं. यहां करोड़ों दूसरे सौरमंडल भी मौजूद हैं, और ये सोचना कोई बड़ी बात नही कि हमारी पृथ्वी के जैसे ही कई दूसरे ग्रह भी होंगे जो हमारी कल्पना में भी नहीं है.
2. क्या मंगल ग्रह पर कोई एलियन हैं ?
source : hindinews18
अमेरिका का रोबोटिक यान क्यूरियोसिटी साल 2012 में ही मंगल पर उतर चुका है. इसने वहां की जो तस्वीरें भेजी थीं, उनमें एक इंसान की तरह की आकृति भी नजर आई थी. हालांकि जांच के बाद इसे चट्टान बताया गया था. मंगल को पृथ्वी का जुड़वा ग्रह कहा जाता है. माना जाता है कि सोलर सिस्टम में धरती के अलावा मंगल पर जीवन मिलने की सबसे ज्यादा संभावना पाई गई. जबकि वैज्ञानिक मानते हैं कि मंगल पर अगर जीवन संभव हो भी गया तो इसमें इंसान से कहीं ज्यादा माइक्रोब्स (सूक्ष्मजीव) के होने की ज्यादा संभावनाएं हो सकती है. बहुत साल पहले अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने मंगल ग्रह से आए एक उल्कापिंड पर सूक्ष्मजीवों का जीवाश्म मिलने की बात कही थी. यह दावा तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की मौजूदगी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताई गई थी. लेकिन इस बात को बाद में गलत माना गया और नासा आज भी इसकी खोज कर रहा है.
3. ज्यूपिटर के चंद्रमा पर समुद्र में जीवन होने की संभावना :
source : everveda
धरती से भेजे गए रोबोट बृहस्पति ग्रह (ज्यूपिटर) के चंद्रमाओं यूरोपा और कैलिस्टो के बर्फ से ढके हुए समुद्र की छानबीन कर सकते हैं. मंगल के बाद वैज्ञानिकों की बड़ी उम्मीद यूरोपा है. यह सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति का चक्कर लगाने वाला उपग्रह है. ये सफेद रंग का है और इसमें बहुत सी रहस्यमय दरारें भी हैं. गैलीलिय नाम की खोजी यान ने दिखाया है कि यूरोपा की सतह बर्फ की तरह के पदार्थ से ढकी हुई है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि बृहस्पति के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से इस बर्फ के नीचे गुनगुने पानी का समुद्र होगा.
4. एलियंस देखते हैं टीवी सीरियल्स ?
source : indiatoday
जीवन की खोज की सारी कोशिशें हमारे सौरमंडल के ग्रहों तक ही सीमित हैं. दूसरे सौरमंडलों तक पहुंच पाने की कल्पना करना भी अभी सही नहीं होगा. इसकी तुलना में उन तक रेडियो सिग्नल पहुंचाना कहीं आसान काम होगा. शायद इसी तरीके से एलियंस भी सबसे पहले अपनी मौजूदगी का अहसास करा दें. अगर हमें कोई सिग्नल मिलता है, तो उसकी दूरी के माध्यम से उनका जवाब भेजा जा सकता है. अगर एलियंस के पास बड़े-बड़े एंटिना होंगे और वे धरती पर आने वाले टीवी सीरियल्स रिसीव करके डिकोड भी कर पा रहे होंगे, अगर ऐसा है तो अभी तक वे हमारे बारे में कई बातें जान चुके होंगे. दूसरे ग्रहों से आने वाले सिग्नलों को कैच करने के लिए अमेरिका के कैलिफोर्निया में सिलिकॉन वैली के अरबपतियों के सहयोग से बहुत बड़ा और पॉवरफुल एंटिना लगाया गया है. हालांकि अब तक कोई ऐसा सिग्नल नहीं मिला है, जिसमें किसी और ग्रह में जीवन की कोई उम्मीद मिली हो.
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