आँखों से जाने स्त्री व पुरुष का स्वभाव,

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Image: गूगल

  आंखें शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। आंखें न सिर्फ चेहरे को सुंदरता प्रदान करती हैं अपितु हर दिखने वाली वस्तु की सूचना भी मस्तिष्क तक पहुंचाती हैं। हम आंखों के बिना जीने की कल्पना भी नहीं कर सकते।आंखों के ऊपर की भौंहे यानी आईब्रो भी चेहरे को सुंदरता प्रदान करती हैं। आंखों व आईब्रो को देखकर भी मानवीय स्वभाव के बारे में काफी कुछ जाना जा सकता है।           
                     हृदय के भाव आंखों के द्वारा जाने जा सकते हैं। इस प्रकार आंखों को हृदय के भाव जानने वाला बैरोमीटर कह सकते हैं। आंखो से व्यक्ति की प्रेम भावना, जाति, चरित्र, कला कौशल, मनोभाव, आंतरिक शक्ति, सुषुप्त शक्ति इत्यादि से संबंधित अच्छे बुरे पहलू जाने जा सकते हैं। चेहरा एवं शरीर दोनों अच्छे हों, किंतु आंखें अच्छी न हों तो वे भी अच्छे नहीं लगते। अलग-अलग लोगों की आंखों का आकार प्रकार अलग-अलग होता है। यहां आंखों की विभिन्न स्थितियों का उल्लेख प्रस्तुत है। जिनसे लोगों के व्यक्तित्व की परख की जा सकती है। नीचे देखकर चलने वाली स्त्रियां और ऊपर देखकर चलने वाले पुरुष अंतर्मुखी होते है। उन्हें समझना मुश्किल होता है। विशाल बड़ी आंखों वाले लोग नेक दिल, परोपकारी, चपल, मेहनत, विचारवान, कार्यकुशल, साहसी, शांतिप्रिय एवं फुर्तीले होते हंै। वे परिस्थिति के अनुकूल स्वयं को ढालने का सतत प्रयत्न करते है। छोटी, संकुचित, गहरी आंखों वाले लोगों पर शनि ग्रह का प्रभाव ज्यादा होता है। वे गंभीर, विचारवान, किंतु शंकालु, अविश्वासी, कंजूस, पुराने खयालों वाले और आलसी होते हैं। वे दिखावा नहीं करते। ज्यादातर जुआरियों की आंखें की पुतलियां छोटी होती है। छोटी आंखों वाली स्त्रियां ईष्र्यालु होती हैं। चंचल होती हैं। यदि किसी की दोनों आंखें बहुत ही करीब हों या वह तिरछी आंखों से देखता हो तो वह विश्वास करने लायक नहीं माना जाता। बातचीत करते वक्त आंखों के कोने से देखने वाला व्यक्ति स्वार्थी होता है। नशे का सेवन करने वालों की आंखंे डरावनी होती हैं। स्त्रियों की बायीं आंखें कानी हो तो खराब मानी जाती है। यदि किसी स्त्री की दायीं आंख कानी हो तो उसे संतान सुख कम मिलता है। पीली, ऊंची आंखों वाली और तिरछा देखने वाली स्त्रियों का चरित्र संदेहास्पद होता है।  स्त्रियों की आंखें शहद के रंग की होतीे हैं। लाल आंखें वाले लोग अभिमानी, क्रोधी, होते हैं|   
                 स्वस्थ शरीर स्वस्थ मस्तिष्क को जन्म देता है। मोटापा एक ऐसा अभिशाप है जिसके कारण शरीर विभिन्न प्रकार के रोगों के प्रति संवेदनशील हो जाता है तथा अनेक रोग एक-एक कर व्यक्ति को घेर लेते हैं। मधुमेह, हृदय रोग, उच्च रक्त चाप तथा थकान जैसी बीमारियों से व्यक्ति आक्रान्त हो जाता है। फ्यूचर समाचार का वर्तमान विशेषांक इस विकट समस्या से ही सम्बन्धित है तथा मोटापा रोग के ज्योतिषीय दृष्टिकोण को वर्णित करने हेतु विभिन्न उल्लेखनीय आलेखों को सम्मिलित किया गया है। इन आलेखों में महत्वपूर्ण हैं- मोटापा पर ज्योतिष विचार एवं विभिन्न योग, हस्त रेखा से जानें मोटापा बढ़ने के कारण, ज्योतिष की नजर में मोटापा, मोटापा बढ़ाने वाले ग्रह योग, गुरु बढ़ाएगा वजन, डाइट से करें कन्ट्रोल आदि।
  •               शीशे के सामने खड़े होकर हम कई बार घंटों तक खुद को निहारते रहते हैं। अक्सर लड़कियां यह चेक करती हैं कि वे पहले से मोटी हो रही हैं या पतली हो गई हैं, परंतु इसके अलावा भी कुछ बातें ऐसी हैं जो आपके लिए जानना जरूरी है। जिस प्रकार से एक शीशा हमें हमारे शरीर की ऊपरी तस्वीर दिखाता है, उसी प्रकार से हमारे शरीर के अंग हमें हमारी अंदरूनी तस्वीर से रूबरू करवाते हैं।दूसरे शब्दों में कहें तो हमारे हाथ, पैर, कान, नाक, माथा, पेट, छाती, इत्यादि किस आकार के हैं, कितने बड़े हैं या छोटे हैं, इससे हमारे स्वभाव का पता लगता है। सुनने में यह बेशक अजीब लग रहा हो लेकिन यही सत्य है। आज तक किए गए अनगिनत शोध के आधार पर केवल शरीर के अंगों को समझकर ही स्वभाव का अंदाजा लगाया जाता है।
  •              वर्षों की मेहनत के बाद ही यह निष्कर्ष निकल कर आता है कि यदि हाथों का आकार बड़ा है तो व्यक्ति कैसा होगा या फिर नाक ऐसी, तो कैसा होगा। यह केवल कही-सुनी बातें नहीं हैं, बल्कि प्राचीन समय से ही इस विषय पर कार्य किया जा रहा है। तो आइए जानें कि शरीर के किस अंग के किस तरह के आकार के कारण आपका कैसा स्वभाव व व्यवहार होता है?यदि किसी के बाल काले रंग के हैं तो उन्हें आर्थिक कार्यों सम्बन्धित कुशल माना गया है। पर अगर किसी के सिर पर बाल ही ना हो तो? शोध के मुताबिक बिना बाल वाले लोग बाल रखे हुए लोगों से भी ज्यादा बुद्धिमान माने जाते हैं, लेकिन यह तब लागू होगा, जब सिर के बाल पूरी तरह मुंडवा लिए गए हों।परंतु पतले और कम घने भौ वाला इंसान मौज-मस्ती के मामले में कम रुचि रखता है, लेकिन किसी भी कार्य को तरीके से करने की कला इन्हीं में होती है।
  •               कुछ लोगों के भौह बीच में से ऊपर की ओर उठे होते हैं, यह लोग एक अच्छे लीडर के व्यक्तित्व वाले होते हैं। और यदि भौह अस्तव्यस्त हैं तो उस व्यक्ति का स्वभाव भी ठीक वैसा ही होता है।भूरी आंखों वाले लोग भरोसेमंद एवं सभ्य स्वभाव के होते हैं। हरी आंखे वाले लोग किसी भी काम से जल्दी बोरियत महसूस करने लगते हैं। नीली एवं ग्रे जैसे दिखने वाली आंखों वाले लोग मांसिक रूप से तेज़ होते हैं परंतु यदि केवल ग्रे आंखें हों तो वह इंसान अकेले रहना पसंद करते हैं और यह वे लोग हैं जो बातों को छिपाए रखने की क्षमता भी रखते हैं।
  •               बच्चों के टीवी कार्टून में एक कहावत बेहद प्रचलित थी, ‘झूठ बोलने से नाक लंबी हो जाती है’। सुनने में अच्छा मज़ाक लगता था लेकिन यह असल ज़िंदगी का सच ही है। शोधकर्ताओं के मुताबिक झूठ बोलने पर नाक में झुजली ज़रूर होती है, हां बेशक वह इतनी कम होती है कि महसूस कर सकना मुश्किल है।अब जब नाक के आधार पर स्वभाव की बात हो रही है तो शोध में यह साबित किया गया है कि ऊपर की ओर उठी हुई नाक वाले लोग प्यारे स्वभाव एवं सकारात्मक सोच वाले होते हैं। पर एक बाज़ की तरह दिखने वाली नाक वाले लोग बेहद अक्खड़ किस्म के होते हैं। किस भी विषय पर यह सामने वाले इंसान की राय लेना ज़रूरी नहीं समझते हैं।इसी तरह से बड़े कान वाले इंसान को यह पता है कि ज़िंदगी को शानदार कैसे बनाना है। परंतु जोए यैप का कहना है कि सबसे बुद्धिमान इंसान वह है जिसके कान ऊपर से बड़े लेकिन नीचे से गोलाकार होते हैं। तो आपके कान किस प्रकार के हैं?

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