1 जुलाई से PAN Card बढ़ा सकता है आपकी मुसीबत, सामने आई बड़ी वजह,

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जीएसटी लागू होने में अब सिर्फ दो दिन ही रह गए हैं और इसके साथ ही आपकी दिक्कतें बढ़ने वाली है क्योंकि आपके पैन कार्ड रिजेक्ट किए जा सकते हैं। पिछले कुछ समय से उपभोक्ता अपने पैन कार्ड में दर्ज नाम को सुधारने की कोशिश में लगे हुए हैं और इसके लिए अफसरों के पास कई आवेदन आ रहे हैं। वजह ये सामने आई है कि केंद्र सरकार ने सभी को 1 जुलाई तक अपने पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने का आदेश दिया है। तो यहां उन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जिनके नाम की स्पेलिंग आधार में कुछ और, तो पैन कार्ड में कुछ और है।आधार लिंक न करने से होगी परेशानी-
दरअसल ये जरूरी है कि पैनकार्ड कार्ड, आधार कार्ड और बैंक अकाउंट में दी गई आपकी जानकारी एक हो। देश में टैक्स कलेक्शन को बढ़ाने के लिए इनकम टैक्स विभाग ने रिटर्न दाखिल करने के लिए आधार से लिंकिंग को अनिवार्य कर दिया है। इस लिंकिंग के बाद टैक्स चोरी को रोकना आसान हो जाएगा। आपने यदि 1 जुलाई तक अपने आधार कार्ड और पैन कार्ड की लिंकिंग के काम को पूरा नहीं किया तो आपका पैनकार्ड रिजेक्ट किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में आप मौजूदा वित्त वर्ष में अपना इनकम टैक्स रिटर्न नहीं भर सकते क्योंकि टैक्स रिटर्न भरने के लिए दोनों पैनकार्ड और आधार अनिवार्य किए जा चुके हैं।
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मौजूदा समय में देश में 24.37 करोड़ से अधिक पैनकार्ड हैं और 113 करोड़ से ज्यादा लोगों का आधार कार्ड बनाया जा चुका है। इनमें से महज 2.87 करोड़ लोगों ने 2012-13 के दौरान टैक्स रिटर्न जमा किया था। इन 2.87 करोड़ लोगों में 1.62 करोड़ लोगों ने टैक्स रिटर्न दाखिल तो किया लेकिन टैक्स में एक भी रुपये का भुगतान नहीं किया। ऐसा इसलिए कि बड़ी संख्या में लोग टैक्स चोरी कर ले जाते हैं या टैक्स देने से बच जाते हैं।

अगर जानकारी एक जैसी नहीं है तो इसके लिए आप अपने पैनकार्ड अथवा आधार कार्ड में परिवर्तन करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आप इनकम टैक्स डिपार्टेमेंट की वेबसाइट पर दिए लिंक के जरिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ आधार में सुधार हेतु आपको यूआईडी को जरूरी दस्तावेज के साथ अपना आवेदन करना होगा। ये ऑनलाइन के जरिए भी मुमकिन है।
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अनुमन ये पाया जा रहा है कि बैंक अकाउंट, पैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आई डी कार्ड जैसे आईडी प्रूूफ दस्तावेजों में लोग अपने नाम की अलग-अलग स्पेलिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं। यहां पर खासतौर पर पैनकार्ड और आधार कार्ड में नामों की स्पेलिंग में फर्क पाया जा रहा है जिससे पैन को आधार में लिंक करने में परेशानी हो रही है।
वहीं, यह भी मुमकिन है कि आपके बैंक अकाउंट में जो आपके नाम की स्पेलिंग दर्ज है वो आपके आधार में लिखे नाम से भिन्न हो। ऐसी स्थिति में भी आपको अपने पैनकार्ड और आधार को लिंक करने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।
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वैसे आधार कार्ड अब ज्यादातार सरकारी व प्राइवेट विभाग में अनिवार्य हो गए है। आईये आपको बताते हैं कि ऐसे कौन से विभाग है जहां आधार कार्ड की जानकारी देना या लिंक करना जरूरी है-
मोबाईल कनेक्शन
नए प्रीपेड या पोस्ट पेड कनेक्शन के लिए सभी ऑपरेटर्स ने ग्राहकों के आधार कार्ड को लिंक करना अनिवार्य कर दिया है। जो पहले से ही किसी ऑपरेटर्स के यूजर हैं उनके आधार ई-कीवाईसी से पुष्टि की जाएगी। सभी मोबाईल ऑपरेट्स अपने ग्राहकों को केवाईसी भरने के लिए अनुरोध कर रहे हैं जिससे उनकी सर्विस लगातार एक्टिव हो
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काला धन पर रोक लगाने के लिए सरकार ने ये निर्देश दिए थे कि सभी अकाउंट होल्डर अपने आधार कार्ड को बैंक अकाउंट से दिसम्बर 31, 2017 से पहले-पहले लिंक करें। ऐसा न करने वालों के बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए जाएंगे। वहीं नए बैंक अकाउंट को खोलने के लिए आधार कार्ड की जानकारी देना अनिवार्य है। आधार को बैंक अकाउंट से लिंक करने के लिए आप अपने बैंक की वेबसाईट में आधार सीडिंग (Aadhaar Seeding) के ऑप्शन पर जा सकते हैं।
ड्राइविंग लाइसेंस-
कई फर्जी ड्राईविंग लाइसेंस के मामले देखने को मिल रहे, जिसपर रोक लगाने के लिए भी सरकार ने ड्राईविंग लाइसेंस अप्लाई करने के लिए आधार कार्ड लिंक करना अनिवार्य कर दिया है। वहीं लाइसेंस रिन्यू करने के लिए भी आधार कार्ड की जानकारी देना जरूरी होगा।
प्रोविडेंट फंड- ऐपीएफओ (EPFO) ने भी आधार कार्ड को पीएफ अकाउंट से लिंक करना जरूरी बताया है। इसकी आखिरी तारीख 30 जून है और सरकारी योजनाओं और पीएफ के फायदे उठाने के लिए आधार कार्ड लिंक करना अनिवार्य है।
संदर्भ पढ़ें

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