पीएम मोदी ला रहे हैं सबसे बड़ा तोहफा, अब दोगुनी होगी मिनिमम सैलरी !

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पीएम मोदी देशवासियों के लिए एक शानदार तोहफा लेकर आने वाले हैं। बताया जा रहा है कि नए कानून के तहत मिनिमम सैलरी अब दोगुनी होगी।

New Delhi,: देशवासियों के लिए पीएम मोदी एक शानदार खबर लाने वाले हैं। बताया जा रहा है कि भारत सरकार एक नया कानून लाने वाली है। इस कानून के मुताबिक कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन दोगुना बढ़ाया जाेगा। न्यूनतम वेतन को 18,000 रुपये कर दिया जाए गा। खास बात ये है कि ये नियम शॉर्ट टर्म कॉन्ट्रैक्ट लेबर पर भी लागू होने जा रहा है। शॉर्ट टर्म  कॉन्ट्रैक्ट लेबर को वेतन के मामले में सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बताया जा रहा है कि इस नए कानून को संसद के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये कानून कम वेतन पाने वाले श्रमिकों को उनका हक दिलाने के लिए लाया जाएगा।
लेकिन इसके साथ ही खबर ये भी है कि इससे स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज में छंटनी का दौर भी शुरू हो सकता है। बताया जा रहा है कि देशभर में ऐसी कई स्मॉल स्केल इकाइयां हैं, जो इस नए कानून के मुताबिक मजदूरी नहीं दे पाएंगी। इससे पहले भारत सरकार ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी जैसा बड़ा फैसला लिया था। इस वजह से बाजार में कैश की कमी हो गई थी। इसलिए छोटे स्तर के उद्योग इस फैसले से काफी प्रभावित हुे थे। हालांकि सूत्रों के हवाले से खबर से कि सरकार इन परेशानियों का हल जरूर निकालेगी। इतना जरूर है कि वेतन बढ़ने से कम पैसों पर काम कर रहे लाखों श्रमिकों को जबरदस्त फायदा मिलेगा।
सरकार इस बारे में भी प्लान कर रही है कि इस कानून को लाने के बाद स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज में भी सुधार लाया जा सके। इससे पहले सरकार की ओर से एक बयान जारी किया गया था। इस बयान के मुताबिक  समिति न्यूनतम जीवनस्तर की लागत और औसत परिवार के आकार को ध्यान में रखकर इस फार्मूले पर विचार किया गया है । इससे पहले श्रम मंत्री बंडारु दत्तात्रेय की अध्यक्षता में केंद्रीय सलाहकार बोर्ड की बैठक हुई। बैठक के बाद दत्तात्रेय ने मीडिया को बताया था कि सभी बातों पर विचार करने के बाद एक कमेटी गठित करने का फैसला किया है। इस कमेटी ने ही न्यूनतम वेतन का फॉर्मूला तैयार किया है।
दत्तात्रेय ने कहा था कि सरकार की आेर से तैयार की गई कमेटी देश में न्यूनतम वेतन तैयार करने के लिए नियमों पर विचार करेगी। उनका कहना है कि न्यूनतम वेतन तय करने के लिए 1948 में कानून बनाया गया था और ये कानून अब काफी पुराना हो गया है। ये भी बताया जा रहा है कि कृषि क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों का न्यूनतम वेतन भी दोगुना हो सकता है। अब इंतजार संसद के मानसून सत्र का है। अगर इस फैसले पर मुहर लगती है तो देश के लाखों करोड़ों कामगारों के लिए ये बेहतरीन खबर साबित हो सकती है। देखना होगा कि पीएम मोदी किस तरह से तमाम परेशानियों को दूर कर इस फैसले को लाते हैं।
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